प्रेम पंथ अति कठिन है
जा में दो न समाय
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प्रेम धार तलवार सी
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जिस प्रकार एक म्यान में दो तलवार नहीं रह सकती उसी प्रकार से इस जीवन में किसी एक के साथ ही पूर्ण प्रेम किया जा सकता है सच्चा प्रेम तो मीरा ने श्याम से किया राधा ने भी श्याम से प्रेम करके साक्षात ईश्वर श्री कृष्ण को पूर्णता के साथ प्राप्त करके संसार को दिखा दिया कि प्रेम इस जगत में दिव्य चीज है मीरा ने अपने पूरे जीवन भर कृष्ण सेप्रेम
किया और जीवन के अधिकतर हिस्से में घोर दुःख सहना पड़ा यहाँ तक कि
इस समाज ने कठोर कष्ट दिए मीरा उन्हें हसकर सब कुछ अपने सीने पर झेलती रही मगर समाज ने फिर भी नहीं समझा मीरा अपने सावरिया के रंग में ऐसे डूबती गयी कि अपने तन मन को भगवान में पूर्ण समर्पित कर दिया यहाँ तक की अपने प्रेमी को अपने भगवान को अपने रोम -रोम में बसा लिया तब समाज ने नए नए लांछन लगाकर जहर पीने की सजा मगर मीरा का
प्रेम तो दिव्य प्रेम था उसने सबके सामने प्याले में जहर पीकर दिखा दिया
दिव्य प्रेम के कारण मीरा का कुछ भी नहीं बिगड़ा और पूरे संसार के सामने निश्छल प्रेम का उदाहरण पेश किया पूरा संसार स्तब्ध खड़ा था कि ऐसा कैसे संभव है कि किसी ने जहर पीया हो और वह जीवित बच जाये पहली बार ऐसा कुछ हुआ था तब समाज की समझ में आया कि मीरा का कोई वासना-
वाला प्रेम नहीं था ये तो एक भक्त द्वारा भगवा न को किया जाने वाला सच्चा प्रेम था मीरा सदा सदा के लिए अमर हो गयी आगे जाकर मीरा का प्रेम और भी परवान चढ़ने लगा मीरा के प्रेम के किस्से गली गली मशहूर हो गये मीरा अपनी प्रेम भक्ति के गीत गाती हुई कृष्ण के रंग में पूरी तरह रंग गयी उसने गाया कि , हरी न रगाऊ लाल न रगाऊ श्याम रंग रंगाऊ में अपनी चुनरिया
श्याम पिया मोरी रंग दे चुनरिया ,रंग दे चुनरिया ,रंग दे चुनरिया |
इस प्रकार से मीरा श्याम के रह में इतनी रंग चुकी थी कि उसकी आत्मा कृष्ण की आत्मामें पूर्ण लीन हो गयी इसका प्रमाण मीरा ने अपने जीवन के अंत समय में दे दिया अंतिम समय में मीरा कृष्ण के सामने खड़ी होगयी और भजन गाने लगी तभी मीरा साक्षात सशरीर कृष्ण की मूर्ति में समां गयी वहा खड़े सभी लोगो ने इस दृश्य को अपनी आँखों से देखा इस दृश्य को देखकर लोग विश्वास नहीं कर पा रहे थे ये दास्ताँ जब संसार के सामने आई तो लोग भौच्चके रह गए और मीरा की तुलना राधा जी से करने लगे मगर जो भी हो प्रेम की आज साक्षात जीत हुई थी प्रेम की दिव्यता कितनी ऊँची होती है ये आज लोगो की समझ में आ चूका था कि भगवन और भक्त का मिलन हो गया है आज भी भगवान अपने भक्तो का ध्यान रखते है प्रेम एक अमर तत्व है प्रेम को किसी का दर नहीं होता प्रेम से भगवान को पूर्ण रूप से प्राप्त किया जा सकता है इस प्रकार से मीरा समाज में अमर हो गयी |
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